Tuesday, April 13, 2021

NASA Mars Perseverance Rover: NASA के लिए ऐतिहासिक दिन 18 फरवरी 2021, मंगल के सबसे खतरनाक सतह पर लैंड करेगा रोवर


नई दिल्‍ली: नासा का मार्स रोवर परसिवरेंस (NASA Mars Perseverance Rover) करीब 40 लाख किमी की यात्रा करने के बाद अब मार्स पर लैंड (Landing On Mars) होने वाला है. गुरुवार 18 फरवरी 2021 को ये मार्स की सबसे खतरनाक सतह (Jezero Crater) पर उतरेगा. बड़े-बड़े पत्‍थर चट्टानें और रेत के टीलों के बीच इस रोवर की लैंडिग बहुत कड़ा इम्तिहान है जिसके लिए अमेरिकी स्‍पेस एजेंसी (NASA) के वैज्ञानिक बेहद उत्‍साहित हैं.

जेजीरो क्रेटर पर रोवर की लैंडिंग 

नासा रोवर की सही लैंडिंग (NASA Mars Perseverance Rover) ही ये तय करेगी कि वहां पर आगे के शोध किस तरह से मुमकिन हो पाएगा. गौरतलब कि मंगल (Mars) पर उतरने वाला नासा का ये पांचवां रोवर (5th Rover) है. इस रोवर को अमेरिका (America) के स्‍थानीय समयानुसार शाम 3:55 (3:55 p.m. EST (12:55 p.m. PST Feb. 18, 2021) बजे जेजीरो क्रेटर जो कि मंगल की सबसे खतरनाक जगह है, वहां पर उतरना है.

ये भी पढ़ें- Emirates Mars Mission: Mars की पहली तस्वीर भेज HOPE ने रचा इतिहास, एक तरफ सूर्य की रोशनी दूसरी तरफ छाया में खूबसूरत लाल ग्रह

मंगल पर जीवन की खोज करेगा रोवर 

नासा के अनुसार जेट प्रपल्‍शन लैब (Jet Propulsion Laboratory) के वैज्ञानिक पर इस पूरी तरह निगाह बनाए हुए हैं और फिलहाल सबकुछ ठीक है. हालांकि उन्‍होंने माना कि इसकी लैंडिंग जितना सोचा है उससे कहीं अध‍िक चुनौतीपूर्ण होगी. नासा का कहना है कि ये उनका अब तक का सबसे महत्‍वाकांक्षी प्रोजेक्‍ट है. नासा हैडक्‍वार्टर के वैज्ञानिक थॉमस जुर्बुकेन (Thomas Zurbuchen) के मुताबिक ये रोवर मंगल पर जीवन की खोज करेगा.

अरबों वर्ष पहले यहां जीवन की संभाविता

वैज्ञानिकों के अनुसार, जिस जगह पर ये रोवर लैंड करने वाला है वहां पर कभी एक नदी बहती थी और यहां पर एक झील थी। इसकी वजह से यहां पर डेल्‍टा का निर्माण हुआ था। अरबों वर्ष पहले यहां पर जीवन की संभाविता बताई जा रही है. लेकिन इस क्रेटर में कई चट्टानें खड़ी हैं और रेत के टीले मौजूद हैं। यहां पर बड़े-बड़े पत्‍थर भी मौजूद हैं। इसलिए यहां पर लैंडिंग बड़ी चुनौती है। 

ये भी पढ़ें- Ingenuity Helicopter On Mars: लाल ग्रह पर चक्कर काटेगा NASA का ‘हेलीकॉप्टर’, लाएगा मंगल पर जीवन होने के सुबूत

अब तक केवल 50 फीसद प्रयास ही सफल

गौरतलब है कि मंगल पर लैंडिंग के अब तक केवल 50 फीसद प्रयास ही सफल हुए हैं. यहां की भौगोलिक संरचना बहुत जटिल है. परसिवरेंस की टीम ने अपने पुराने अभ्‍यासों से काफी कुछ सीखा है और अब तकनीक भी उनका साथ दे रही है. तकनीक के जरिए आज वो इस स्‍पेसक्राफ्ट को काफी हद तक सफलतापूर्वक लैंड कराने की क्षमता रखते हैं.

सफलतापूर्वक लैंडिंग की गारंटी नहीं 

इस प्रोजेक्‍ट के डिप्‍टी प्रोजेक्‍ट मैनेजर जेरिफर ट्रॉसपर (Deputy Project Manager Jennifer Trosper) का कहना है कि टीम इसकी इस क्रेटर में लैंडिंग को लेकर पूरी तरह से सजग है. हालांकि उन्‍होंने इसके सफलतापूर्वक लैंड करने की कोई गारंटी नहीं बताई है. लेकिन टीम अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ रही है. इसके सही सलामत उतरने के बाद ही ये अपना काम भी शुरू कर देगा.

ये भी पढ़ें- Ice Age Mystery: वैज्ञानिकों ने खोला रहस्य! कई सालों तक धरती ओढ़े रही बर्फ की चादर, वजह कर देगी हैरान

जीवन के लिए एक उत्‍तम जगह

गौरतलब है कि कि इस यान की लैंडिंग की जगह को दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने मिलकर चुना है. विशेषज्ञों ने मंगल पर इसकी लैंडिंग के लिए 60 जगहों का चयन किया था. पांच वर्षों तक इन सभी के विश्‍लेषण के बाद इस क्रेटर पर सबकी सहमति हुई. वैज्ञानिकों का मानना है कि यहां पर वर्षों पहले बनी झील और नदी की मौजूदगी से यहां पर खनिज मौजूद हो सकते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि ये जीवन के लिए एक उत्‍तम जगह हो सकती है.

विज्ञान से जुड़ी अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

LIVE TV





Source link

MORE Articles

కబీరా హెర్మెస్ 75 హై-స్పీడ్ కమర్షియల్ ఎలక్ట్రిక్ స్కూటర్ విడుదల: ధర, వివరాలు

కబీరా మొబిలిటీ కొత్తగా విడుదల చేసిన ఈ ఎలక్ట్రిక్ స్కూటర్ ఒక 'మేడ్ ఇన్ ఇండియా' ఉత్పత్తి అని, లాస్ట్ మైల్ డెలివరీ కోసం పర్యావరణ సాన్నిహిత్యమైన...

పెళ్లి ఆపిన ‘బుల్లెట్’.. బైక్ కోసం వరుడి నానా యాగీ, గుర్రం దిగీ మరీ హంగామా..

డ్రెస్ విప్పేసి నానా హంగామా.. పెళ్లిలో వరుడికి బైక్ ఇస్తుంటారు. కారు ఇస్తుంటారు. బంగారు గొలుసు పెడతాం అని చెబుతారు. వధువు తరపువారు మాట ఇస్తుంటారు....

पानी में भिगाकर ऐसे करें दालचीनी का इस्तेमाल, होंगे ये 6 फायदे

अगर दालचीनी के पानी का सही मात्रा सेवन किया जाए, तो महिलाओं खुद को कई गंभीर बीमारियों से बचा सकती हैं.  Source link

The Web Robots Pages

The Web Robots Pages Web Robots (also known as Web Wanderers, Crawlers, or Spiders), are programs that traverse the Web automatically. Search engines such as Google...

नवरात्रि के व्रत में अगर खाएंगे ये चीजें तो नहीं होंगे डिहाइड्रेशन के शिकार

नवरात्रि शुरू हो गए हैं. इन दिनों बहुत से लोग नौ दिनों तक व्रत रखते हैं. इन दिनों मां दुर्गा के नौ स्वरूपों...

Stay Connected

98,675FansLike
224,586FollowersFollow
56,656SubscribersSubscribe